
दुर्ग। नगर निगम क्षेत्र के जल घर में बुधवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब नियमित जांच के दौरान कर्मचारियों ने पानी की टंकी में एक अज्ञात व्यक्ति का शव तैरता हुआ देखा। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और निगम अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और शव को टंकी से बाहर निकालकर मर्चरी भेजा गया।
करीब 30 फीट गहरी इस टंकी में मिला शव बुरी तरह सड़-गल चुका था। प्रारंभिक जांच में पुलिस का मानना है कि शव लगभग तीन दिन पुराना है और लंबे समय से टंकी के एक हिस्से में फंसा रहा। पानी का स्तर बढ़ने के कारण शव ऊपर आ गया और घटना का खुलासा हुआ।
दूषित पानी की सप्लाई, हजारों लोग बने जोखिम का शिकार
चौंकाने वाली बात यह है कि इसी जल घर से प्रतिदिन शहर के हजारों घरों में पानी की सप्लाई की जाती है। कर्मचारियों के अनुसार, शव मिलने से पहले तक पानी की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी थी, जिससे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
विपक्ष का आरोप—निगम की घोर लापरवाही
नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष ने इस घटना को गंभीर लापरवाही करार दिया। उनका कहना है कि तीन दिन पुराना शव टंकी में होने के बावजूद सप्लाई चालू रखना नागरिकों की सेहत से खिलवाड़ है। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शव की पहचान मुश्किल
शव की हालत इतनी खराब थी कि मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। अनुमान है कि मृतक की उम्र 40 से 45 वर्ष के बीच हो सकती है।
डीएसपी भारती मरकाम ने बताया कि एफएसएल टीम के साथ स्थल का निरीक्षण किया गया है। शव जल घर की मशीनरी के पास अटका हुआ था। मौत के कारणों और पहचान से जुड़ी जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
जल आपूर्ति बंद, सफाई के आदेश
घटना सामने आते ही नगर निगम ने जल आपूर्ति को अस्थायी रूप से रोक दिया है और टंकी की पूरी सफाई कराने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।














